बचपन की हर बात निराली

लक्ष्मी सिंह

रचनाकार- लक्ष्मी सिंह

विधा- कविता

🌹🌹🌹🌹🌹
बचपन तो बचपन है
बचपन की हर बात निराली।
गुड्डा गुड़िया,खेल खिलौने
बस यादें रह जाती है सारी।
कभी याद कर हम
बीते दिनों की कहनी।
कभी हम मुस्कुराते हैं
कभी निकल आती है ,
आँखों से पानी।
बचपन तो बचपन है
बचपन की हर बात निराली
🌹🌹🌹🌹-लक्ष्मी सिंह💓😊

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लक्ष्मी सिंह
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