फॉर्मूला-ए-चुनावी शुभकामना

डा. सूर्यनारायण पाण्डेय

रचनाकार- डा. सूर्यनारायण पाण्डेय

विधा- अन्य

चुनाव सम्पन्न होने के साथ ही राजनीति का बाजार गर्म हो जाता है. चुनाव के बाद किसी के किस्मत का दरवाजा खुल जाता है तो कोई एकदम बेकार हो जाता है. जिन्दगी मुँह चिढ़ाने लगती है. वैराग्य की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. यदि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रही, तो कमर टूटने की पीड़ा भोगनी पड़ती है. खैर, इससे आपको क्या ? आपका काम था वोट देना, आपने वोट दिया. यदि आपके इस सुकृत्य से किसी का भला न हुआ हो तो भी आप चिन्तित न हों, ऐसी विकट स्थिति में, जबकि आपका मनचाहा प्रत्याशी हार गया हो, चुनावी शुभकामना फार्मूले को अपनाइए. यह फॉर्मूला सभी ज्ञानीजन अपनाते हैं. यह कोई पाइथागोरस का प्रमेय या फॉर्मूला नहीं, जिसे आपको अपनाने में सर खपानी पड़े. बड़ा ही आसान फॉर्मूला व चमत्कारी फॉर्मूला है.
इस फॉर्मूले का प्रथम बिन्दु है, यदि आपका प्रत्याशी हार गया हो, तो भी आप जश्न मनाइए, मिठाई बंटवाइए, पटाखे छुड़वाइए, रेवडि़या, गजक इत्यारदि बांटिए. भॉति-भॉंति के प्रचलित उपक्रम कीजिए. किसी भी तरह विजयी प्रत्यााशी को मालूम हो जाय कि आपका अमूल्य ठप्पा उसी के चुनाव चिन्ह पर लगा है. आपसे कितने प्रत्याशियों व उनके तथाकथित दाहिने या बाएं हाथों ने मिन्नतें की थीं. पर क्या मजाल आपने किसी की सुनी हो. सार यह है कि विजयी प्रत्याशी के सामने खूब डींग मारिए. उसके यह भी स्पष्ट कर दीजिए कि आप के बिना विजयश्री असंभव थी. आपने विजय दिलाने के लिए क्या-क्या नहीं किया. गवई औरतों से करीखही हॉंड़ी की मार तक खानी पड़ी. फर्जी वोट डलवाने के लिए नोट की चोट सहनी पड़ी. कम्बल, चद्दर, धोती और भी बहुत कुछ बंटवानी पड़ी. देशी-विदेशी से कितनों के गले तर हुए. तब कहीं जाकर यह उल्लेखनीय जीत हुई. चुनावी शुभकामना फॉमूले को अपने पास तक ही सीमित न रखें. इसको राष्ट्रीय स्वरूप दीजिए. देश के सभी माननीयों को शुभकामना संदेश लिख भेजें. ऐसे माननीयों को अवश्य भेंजे, जो टू-जी, थ्री-जी टाइप के हों. इसके लिए आप पूर्व से ही छपे भांति-भांति के कार्डो का प्रयोग कर सकते हैं. इसका दूहरा फायदा है. एक तो आपको संदर्भित व्यक्ति के तरफ से पावती मिलेगी, जिसे दिखाकर अपनी पहुँच बता सकते हैं. लोग आपसे डरेंगे. आपके दरवाजे पर दो-चार प्रबुद्ध लोग उठने-बैठने लगेंगे. दूसरे माननीय बनने का मार्ग प्रशस्त होगा. चांस मिल सकता है. यह सब केवल इसी चुनावी शुभकामना फॉर्मूले से संभव है.
दूसरे, चुनावी शुभकामना फॉमूले से आप कुछ भी करा सकते हैं. ठेका, परमिट, तबादला, नियुक्ति और भी बहुत कुछ. जो भी आपको जरूरत हो, करा सकते हैं. चौराहे पर किसी को गोली मरवा सकते हैं. वस्तुओं का मनचाहा मूल्य बढ़ा सकते हैं. गरीबों का सस्ता खून बहा सकते हैं. उनकी रोटी के नेपथ्य में अपनी गोटी बैठा सकते हैं. बिगड़ैल बेटे के दहेज में अधिक धन प्राप्त कर सकते हैं. मसलन आपकी पहुँच का फायदा चतुर्दिक होगा. बशर्ते आप चुनावी शुभकामना फॉमूले को अपनाएं. जब किसी भी पार्टी को स्पपष्ट बहुमत न मिले तो ऐसी संवैधानिक संकट में इस फॉर्मूले की विशेष महत्ता है. इस हंग स्थिति के खास फायदे हैं. ऐसी स्थिति में जो चाहे, जितना चुराए. कोई बात नहीं. जनता किसी भी पार्टी पर दोषारोपण नहीं कर सकती. सत्ता के लोग बहुमत नहीं है का स्वांग करते हैं और विपक्ष के लोग उनकी सरकार नहीं है की दुहाई देते हैं, ऐसी स्थिति में जनप्रतिनिधियों को फायदा ही फायदा रहता है. इनकी भलाई के साथ ही यदि आपकी भलाई हो जाय तो क्याा कोई बुरी बात है. कदापि नहीं, बस जब भी ऐसी शुभ घड़ी आए तो चुनावी शुभकामना फॉर्मूले का सहारा लेकर फायदे के मोहरे पर दस्तक लगाइए. इस फॉर्मूले से चुकने के बाद आप पछताइगा. अब पछताए होत क्या , जब चिडि़या चुग गई खेत. इस चुनावी शुभकामना फॉर्मूले पर आपको संदेह नहीं होना चाहिए. संदेह से काम बिगड़ जाता है. इसे बड़े-बड़े राजनेता, अभिनेता अपनाते हैं. अत: आप भी इसे अपनाइए और मनचाहा लाभ पाइए. हम आपके लिए ईश्वर से प्रार्थना करेंगे.

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डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
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देश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में 1000 से अधिक लेख, कहानियां, व्यंग्य, कविताएं आदि प्रकाशित। 'कर्फ्यू में शहर' काव्य संग्रह मित्र प्रकाशन, कोलकाता के सहयोग से प्रकाशित। सामान्य ज्ञान दिग्दर्शन, दिल्ली : सम्पूर्ण अध्ययन, वेस्ट बंगाल : एट ए ग्लांस जैसी बहुचर्चित कृतियां 'उपकार प्रकाशन' से प्रकाशित। प्रत्येक चार माह पर समसामयिक सीरीज का लगातार प्रकाशन, 'अंचल भारती' पत्रिका का सह-सम्पादन ।मो9450017326

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