फेल हो गया

डी. के. निवातिया

रचनाकार- डी. के. निवातिया

विधा- मुक्तक

फेल हो गया

सत्तर साल वालो का तो ख़त्म खेल हो गया।
छप्पन इंच का सीना भी अब फेल हो गया ।
दुश्मन रोज़ जख्म पे जख्म दिये जा रहा है ।
ऐसा लगता है सत्ताधारियो में मेल हो गया ।।

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डी के निवातिया

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डी. के. निवातिया
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नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ , उत्तर प्रदेश (भारत) शिक्षा: एम. ए., बी.एड. रूचि :- लेखन एव पाठन कार्य समस्त कवियों, लेखको एवं पाठको के द्वारा प्राप्त टिप्पणी एव सुझावों का ह्रदय से आभारी तथा प्रतिक्रियाओ का आकांक्षी । आप मुझ से जुड़ने एवं मेरे विचारो के लिए ट्वीटर हैंडल @nivatiya_dk पर फॉलो कर सकते है. मेल आई डी. dknivatiya@gmail.com

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