फुर्सत

रवि रंजन गोस्वामी

रचनाकार- रवि रंजन गोस्वामी

विधा- शेर

जब महफिल उठ गयी
तो घर याद आया है ।

किस कामयाबी पर नाज़ करें ,
ऐसा कुछ किया क्या है ?

कुछ करते हैं तो कमाल करते हैं ,
नहीं करते तो और कमाल करते हैं।

ऐसे कैसे हरदम मशरूफ़ हैं ?
थोड़ी फुर्सत हम से उधार ले लें ।

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