फीकी फीकी है हरियाली

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

नहीं गगन में है वो लाली
फीकी फीकी है हरियाली

अन्न हवा पानी ले दूषित
तन मन ने बीमारी पाली

पैसा खूब कमाया लेकिन
जीवन कितना दिखता जाली

आँखे खोलो मानव जागो
वरना रह जाओगे खाली

पेड़ों को देकर तुम जीवन
पाओगे असली खुशहाली

डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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2 comments
  1. फीकी फीकी
    है हरियाली चलो मनाये जश्न दीवाली, ,मिलकर सारे पेड़े लगाये, लाए धरती पर खुशहाली