फाल्गुन मास

Pushpendra Rathore

रचनाकार- Pushpendra Rathore

विधा- गज़ल/गीतिका

तन मन में है उल्लास सखी,
आयो है फाल्गुन मास सखी,

रंग बिरंगी रंगत जाकी,
धरती करती है रास सखी,

रंगन को मौसम अलबेलो,
टेसू की रंगत खास सखी,

रंगे टेसू मैं बेरंगी,
मीठी तपती प्यास सखी,

पी के रंग देह को छूले,
बुझ जाये मेरी प्यास सखी,

मिल जाये पी का आलिंगन,
तन मन झूमें कर रास सखी,

रंग भरी पी की पिचकारी,
मुझे रंग देती खास सखी॥

आंसू से रंगे गाल सखी,
पी की अबहू है आश सखी।

पुष्प ठाकुर

Views 30
Sponsored
Author
Pushpendra Rathore
Posts 19
Total Views 201
I am an engineering student, I lives in gwalior, poetry is my hobby and i love both reading and writing the poem
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia