फाग गीत

ईश्वर दयाल गोस्वामी

रचनाकार- ईश्वर दयाल गोस्वामी

विधा- गीत

आओ मिलकर गाएं फाग ।
छेड़ें समरसता का राग । ।

हुए बहुत दिन लड़ते-लड़ते ,
बात-बात पर खूब झगड़ते ।
लेकिन बात बनी न अब तक,
फिर क्यों ? हम झगड़े में पड़ते ।
अगर प्यार से मिल बैठें तो ,
खिल जाएगा जीवन – बाग ।।

बदला लेकर नहीं निकलता ,
किसी समस्या का कोई हल ।
कलुषित हो जाता है जीवन ,
पीड़ित हो जाता है पल-पल ।
रोटी में भी स्वाद न रहता ,
खट्टी लगती मीठी साग ।।

छद्म प्रशंसा , अहंकार में ,
हुआ नर्क ये पूरा जीवन ।
मन सबके उखड़े-उखड़े हैं ,
मिलते रहते हैं केवल तन ।
दफ़्न हुआ संगीत आजकल ,
शोर छेड़ता गंदे राग ।।

आओ मिलकर गाएं फाग ,
छेड़ें समरसता का राग ।।

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ईश्वर दयाल गोस्वामी
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-ईश्वर दयाल गोस्वामी कवि एवं शिक्षक , भागवत कथा वाचक जन्म-तिथि - 05 - 02 - 1971 जन्म-स्थान - रहली स्थायी पता- ग्राम पोस्ट-छिरारी,तहसील-. रहली जिला-सागर (मध्य-प्रदेश) पिन-कोड- 470-227 मोवा.नंबर-08463884927 हिन्दीबुंदेली मे गत 25वर्ष से काव्य रचना । कविताएँ समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में प्रकाशित । रुचियाँ-काव्य रचना,अभिनय,चित्रकला । पुरस्कार - समकालीन कविता के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा 2013 में राज्य स्तरीय पुरस्कार । नेशनल बुक ट्रस्ट नई दिल्ली द्वारा रमेशदत्त दुबे युवा कवि सम्मान 2015 ।
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