** प्रेम विवाह की हक़ीक़त **

भूरचन्द जयपाल

रचनाकार- भूरचन्द जयपाल

विधा- अन्य

आजकल के प्रेम विवाह की हकीकत

जितनी शिद्दत से प्रेम किया जाता है

मुद्दत से शादी के ख्वाब लिए जाते हैं

और जब शादी हो जाती है उसका हस्र

कुछ इस तरह से होता है, शायद

ख़्वाब से निकलकर हकीकत की

दुनियां में आना ही नही चाहता ।

इसलिए
कल का प्यार पल में तलाक में तब्दील

होते देर नही लगती ।।

👍मधुप बैरागी

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भूरचन्द जयपाल
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मैं भूरचन्द जयपाल सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिंदी रचनाएं 9928752150

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