ज्ञान-दीपक

बृजेश कुमार नायक

रचनाकार- बृजेश कुमार नायक

विधा- मुक्तक

सूर्य डरता ना कभी भी बदलियों के राज से|
कुछ समय तक छिपे पर वह पुनि उगेगा नाज से |
मग के पत्थर रोक सकते न कभी आलोक-डग |
ज्ञान-दीपक जगमगाते हर्ष बन ऋतुराज से|

बृजेश कुमार नायक
"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" कृतियों के प्रणेता

Sponsored
Views 87
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
बृजेश कुमार नायक
Posts 137
Total Views 35.3k
एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा जन्मतिथि-08-05-1961 प्रकाशित कृतियाँ-"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" साक्षात्कार,युद्धरतआमआदमी सहित देश की कई प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेक सम्मानों एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित, जन्म स्थान-कैथेरी,जालौन निवास-सुभाष नगर, कोंच,जालौन,उ.प्र.-285205 मो-9455423376एवं 8787045243 व्हाट्सआप-9956928367

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia