प्रीत पर दोहे

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- दोहे

दोहे
1
हमने अपनी प्रीत पर ,लिखे यहाँ जो गीत
सात सुरों में बाँध खुद , झूम गया संगीत
2
बादल पर लिख दे घटा , बारिश का तू गीत
रिमझिम के संगीत सँग , थिरकेगी फिर प्रीत
3
प्यारी ये दुनिया लगे, मिलता जब मनमीत
आँखों से पढ़ प्यार को , धड़कन गाती गीत
4
आज मुहब्बत प्यार का ,बदला कितना रूप
सह न सकें अब आँधियाँ ,और कड़ी ये धूप
5
चलो मुहब्बत नीर से, सींचें ये संसार
खिला फूल सद्भाव के , बीने सारे खार

डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।
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2 comments
  1. कई पीढ़ियों बाद में ‘प्रीत’ का यह साहित्य।
    शुरू किया ‘अर्चना’ ने ‘क्रान्त’ हो गये धन्य।।

    ✍ Dr.Krant M.L.Verma
    krantmlverma@gmail.com

  2. वाह ! बहुत सुंदर दोहे.

    प्यार मुहब्बत का हुआ , ऐसा रूप खराब |
    गुलशन का हर शूल ज्यों, चुभने को बेताब ||