प्रीत

Neelam Sharma

रचनाकार- Neelam Sharma

विधा- मुक्तक

न तोल प्रीत को मेरी
तू धन के तराजू में
कभी प्रेमी भी धनी हुआ करते हैं
मेरा तो खजाना बस तेरी चाहत है
तेरी चाहत में ही हम जिया और मरा करते हैं

🌸नीलम शर्मा 🌸

Sponsored
Views 5
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Neelam Sharma
Posts 226
Total Views 2.3k

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia