प्रीत तपस्या है उसकी पर बात किसी ने कब मानी

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- मुक्तक

प्रीत तपस्या है उसकी पर बात किसी ने कब मानी
विष का प्याला भी पी डाला राणा की बन कर रानी
बाँध पाँव में घुँघरू नाची इकतारा ले हाथों में
नाम जपे बस गिरधर गिरधर होकर मीरा दीवानी
डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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4 comments
  1. डा अर्चना गुप्ता जी का मुक्तक: प्रीत तपस्या है उसकी ।
    बहुत सुंदर
    — जितेन्द्र कमल आनंद