प्रियतम

सगीता शर्मा

रचनाकार- सगीता शर्मा

विधा- कविता

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प्रियतम अपनी प्रेम कहानी.
लगती है कोई प्रीत पुरानी.

जनम जनम की चाहत अपनी
मैं हूँ तेरी प्रेम दिवानी.

तू मेरे मैं तेरे दिल में.
मिलकर हमने प्रीत निभीनी.

संग में साजन तुम जो रहते.
लगती फिर है शाम सुहानी.

भूलू चाहे सारे जहाँ को.
नही तुम्हारी प्रीत भुलानी.

हँसतॉ हँसते जीवन बीते
आने न देगे आँख में पानी.

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संगीता शर्मा.
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹14/2/2017

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सगीता शर्मा
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परिचय . संगीता शर्मा. आगरा . रूचि. लेखन. लघु कथा ,कहानी,कविता,गीत,गजल,मुक्तक,छंद,.आदि. सम्मान . मुक्तर मणि,सतकवीर सम्मान , मानस मणि आदि. प्यार की तलाश कहानी पुरस्क्रति.धूप सी जिन्दगी कविता सम्मानित.. चाबी लधु कथा हिन्दी व पंजाबी में प्रकाशित . संगीता शर्मा.

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