अमन हिंद की महिलाएँ हैं ,प्रेममयी मुस्कान हैं

बृजेश कुमार नायक

रचनाकार- बृजेश कुमार नायक

विधा- मुक्तक

अमन, हिंद की महिलाएँ हैं, प्रेममयी मुस्कान है|
बेटी, माता, पत्नीरूपी सुंदर अमल वितान हैं |
पावन मंदिर अपनापन का, तथा भाव आकाश बन
नेह लुटातीं, सदा सुपावन जीवन का मृदु गान हैं|

बृजेश कुमार नायक
"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" कृतियों के प्रणेता

महिला दिवस पर आप सभी को अनंत हार्दिक शुभकामनाएँ

Views 99
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
बृजेश कुमार नायक
Posts 126
Total Views 21.8k
एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा Ex State trainer, ex SPO NYKS UP, Govt of India Ex Teacher AOL1course VVKI "जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक"कृतियाँ प्रकाशित साक्षात्कार, युद्धरत आम आदमी सहित देश के कई प्रतिष्ठित पत्र एवं पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेकों सम्मान एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित,नि.-सुभाष नगर, कोंच सम्पर्क 9455423376whatsaap9956928367

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia