प्रकृति

बृजेश कुमार नायक

रचनाकार- बृजेश कुमार नायक

विधा- दोहे

वर्षा ऋतु सद्प्रीति का सुंदर भाव-विधान |
क्षण-क्षण मिलन समान है कर लो अनुसंधान ||

प्रकृति -प्रेम सुख- धाम है त्याग दीजिए शोक |
ज्ञान ग्रहण करके बनो आप प्रीति-आलोक ||
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बृजेश कुमार नायक
"जागा हिंदुस्तान चाहिए " एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" कृतियों के प्रणेता
02-09-2017
आकाशवाणी छतरपुर से काव्यसुमन कार्यक्रम में प्रसारित दोहा

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बृजेश कुमार नायक
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एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा जन्मतिथि-08-05-1961 प्रकाशित कृतियाँ-"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" साक्षात्कार,युद्धरतआमआदमी सहित देश की कई प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेक सम्मानों एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित, जन्म स्थान-कैथेरी,जालौन निवास-सुभाष नगर, कोंच,जालौन,उ.प्र.-285205 मो-9455423376व्हाट्सआप-9956928367 एवं8787045243

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