प्यार का सौदा

Pritam Rathaur

रचनाकार- Pritam Rathaur

विधा- मुक्तक

प्यार का सौदा बड़ा मंहगा हुआ है आज़कल
देखता हूँ मैं जिसे वो रो रहा है आज़कल

है नियत में खोट इनके भोली सूरत दिख रही
खा रहा कसमें वफ़ा की बेवफ़ा है आज़कल

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Pritam Rathaur
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मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। सर्वोच्च पूजा जीवों से प्रेम करना ।

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