प्यारी बेटी

सलमान खान

रचनाकार- सलमान खान

विधा- कविता

प्यारी बेटी

ना दुनियां से, ना दोलत से, ना घर आबाद करने से, !
तसल्ली दिल को मिलती है! बेटी को याद करने से, !!

दुनियां में उसके जैसा कोई प्यारा नहीं,
किसी भी बेटी का कोइ मोल नहीं !!

हर दुःख दर्द को सहती है बेटीयां,
मुसीबत में काम आती है, बेटीयां,

जो दुनियां में खुशीयाँ देती है,
वही है माँ और बहन हमारी,
वही है प्यारी, बेटी तुमारी, !!

यदि मारते रहे बेटीयों को, इस तरहा तुम,
तो माँ किससे कहलाओगे,

एक बेटे की विनती तुम से,
क्यों फर्क हममे बनाते हो, !!

मत मारो इन्हें जन्म देदो,
इनको भी देखने दो संसार, !!

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सलमान खान
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मै सलमान खान हऱियाणा से हूं। मैं बहुत ही गरीब घर से हूँ । मेरे पास इतने रूपये भी नहीं जो मैं अपनी रचना को अखबार या किताब मै कर सकूं! मैं 12 th class का विद्यार्थी हूँ! मेरी रूचि बचपन से कविता लिखने की रही है! मेरी गुरू कोइ नहीं है अभी तो! में अपने जीवन की सभी बातों को कविता से ही वक़्त करना चाहता हूँ!

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