पिता

लक्ष्मी सिंह

रचनाकार- लक्ष्मी सिंह

विधा- हाइकु

🌺पिता का रूप
हैं ईश्वर स्वरूप
हैं चारों धाम 🌺

🌺पिता की सेवा
सबसे बड़ी पूजा
मिलता मेवा 🌺

🌺पिता पालन
प्रेम का प्रशासन
अनुशासन 🌺

🌺पिता निर्माण
घर का अभिमान
देते हैं ज्ञान 🌺

🌺पिता संसार
खिलौने का बाजार
स्नेह आपार 🌺

🌺पिता अपने
सतरंगी सपने
उम्मीद बोते 🌺

🌺पिता आकाश
जीवन का प्रकाश
सबसे खास 🌺

🌺पिता देवता
नित शीश झुकाना
आशीष पाना 🌺—लक्ष्मी सिंह 💓😊

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लक्ष्मी सिंह
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MA B Ed (sanskrit) please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank you for your support.

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