पास जीवन के इम्तहान में क्या

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

पास जीवन के इम्तहान में क्या
सोचना उम्र की ढलान में क्या

पंख डर के लगा यहाँ अपने
उड़ सकेगा तू आसमान में क्या

घूरती क्यों निगाहें हैं मुझको
झूठ है कुछ मेरे बयान में क्या

जख्म दिल के कुरेदता हरदम
तीर अब भी बचे कमान में क्या

झूठ के शब्द लड़खड़ा जाते
सच कभी छिप सका जबान में क्या

जीत मिलती अगर फरेब से तो
अर्चना सर ये उठता शान में क्या

डॉ अर्चना गुप्ता

Sponsored
Views 41
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Dr Archana Gupta
Posts 260
Total Views 18.9k
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
One comment