*पापा …मेरे पापा …*

Neelam Ji

रचनाकार- Neelam Ji

विधा- गज़ल/गीतिका

पापा …मेरे पापा …
कितने प्यारे , कितने सच्चे ,
मेरे पापा सबसे अच्छे ।
दुनिया चाहे जो भी समझे ,
मेरे लिए हैं सारे जग से अच्छे ।।
पापा …मेरे पापा …
जीना सिखाया आपने ,
हँसना सिखाया आपने ।
रोते हुए पैदा हुए थे ,
खुश रहना सिखाया आपने ।।
पापा …मेरे पापा …
दुनिया में रहना है कैसे ?
मुझको बतलाया आपने ।
जब भी कदम लड़खड़ाए ,
पापा सम्भाला आपने ।।
पापा …मेरे पापा …
हर हाल में जीने का ,
सलीखा सिखलाया आपने ।
अच्छे बुरे का भेद मुझे ,
पापा बतलाया आपने ।।
पापा …मेरे पापा …
आशीर्वाद अपना मुझपे ,
पापा बनाए रखना ।
गलतियाँ मेरी भूल के ,
दिल में बसाये रखना ।।
पापा …मेरे पापा …
पापा हुई जो गलती हैं ,
कर देना माफ़ मुझे ।
बेटी आपकी, दिल से ,
माफ़ी मांगे आपसे ।।
पापा …मेरे पापा… 😢
पापा … मेरे पापा… 😢

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Neelam Ji
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मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी कब ये मैंने नहीं जाना ।। तब तक अपने ना सही ... । दुनिया के ही कुछ काम आना ।।

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