पाकिस्तान की आतंकवादी लंका जला दो मोदी जी

Vivek Chauhan

रचनाकार- Vivek Chauhan

विधा- गज़ल/गीतिका

पाकिस्तान की आतंकवादी लंका जला दो मोदी जी
कराँची के सीने में अब बम फुड़वा दो मोदी जी

कब तक खेल चलेगा खूनी विक्रम और बेताल का
लाहौर के सीने में आग लगवा दो मोदी जी

माँगे उजड़ी है पत्नी की राखी सूनी हो गयी है
आतंकी को चौराहे पर नंगा लटका दो मोदी जी

घुसपैठी का दौर सातवें आसमान पर चढ़ा हुआ है
कायर के मुँह पर तोपें गोली चलवा दो मोदी जी

आतंकवाद का जुआ खेलता सौदे बाजी करता पाक
इस्लामाबाद की जुबानों को धूल चटा दो मोदी जी

कितना शान्ति राहों पर दीपक दिखाओगे तुम
कश्मीर और आतंक का मुद्दा निपटा दो मोदी जी

पाक बोलत में पैदा करता आतंकवादी के जिन्न को
गन्दी बोतल के जिन्न पर बारूद बरसा दो मोदी जी

भारत का झण्डा फाड़ के जो आतंकवाद की जय बोले
ऐसी जुबानों को फिर जड़ से कटवा दो मोदी जी

एक का बदला सौ से लो सत्रह का बदला सात सौ से
पाकिस्तान का नक्शे से अब नाम मिटा दो मोदी जी

मंचों से यह भाषण देने बन्द करो अब बन्द करो
युद्ध घोस का नारा दे सेना भिजवा दो मोदी जी

गीदड़ की अगुवाई हुयी है सिंह दौड़ता है यहां पर
छप्पन इंच के सीने का जलवा दिखा दो मोदी जी

रोज भारत घायल हो कर आई. सी .यू . में भर्ती है
रण चण्डी को बली की भेट चढ़ा दो मोदी जी

कब तक भारत माँ के लाल शहीद करवाओगे तुम
मजहब के इन बकरों से बाघ लड़वा दो मोदी जी

स्वंयरचित रचना सर्वाधिकार प्राप्त
©विवेक चौहान एक कवि
बाजपुर , ऊधम सिंह नगर
(उत्तराखण्ड)7500042420

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Vivek Chauhan
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बाजपुर उत्तराखंड का निवासी हूँ काव्य जगत का नवीन तारा हूँ समस्त विधायें लिखता हूँ किन्तु भाव अनुरूप जब जैसे आ जाये l छोटी सी उम्र में छोटी सी कलम लेकर काव्य पथ पर चल रहा हूँ

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