पहली मुलाकात

Ashutosh Jadaun

रचनाकार- Ashutosh Jadaun

विधा- कविता

समय के चक्र को कुछ पीछे पलटना
मेरे दिल को जैसे सुकून दे गया ।
यादों की सिलवट मे आज भी लिखी है
बड़ी सलीक़े से तेरी मेरी वो पहली मुलाकात ।
जब वो पल याद आते है
ऐसा लगता है जैसे
दिल को प्यार भरा पैगाम सा देते है ।
ना जाने क्यूँ याद आती है
तेरी वो झुकीं सी नजर
शीत से काँपती देह
सरमो हया का वो पर्दा
वो दिल की बेचैनी ।।
और याद आती है बरबस ही
ना जाने क्यूँ
तेरी वो महक
तेरी वो पहली छुअन
ऐसा लगता है जैसे
अंगूठी के बहाने से
दिल ही छु लिया हो ।।

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Ashutosh Jadaun
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स्वागत हैं मेरे जज्बात साज़ गीतों में. कभी जब मैं यूँ ही तन्हा बैठता हूँ ,और अचानक ही पुरानी यादों की बारिशें,मेरे जेहन में बेतरतीब से ख्याल बूँद बनकर, मेरी कलम से कागज़ पे लफ्ज़ उकेरने को मचलने लगती है II

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