पहन के कोट पेंट(छंद) | अभिषेक कुमार अम्बर

Abhishek Kumar Amber

रचनाकार- Abhishek Kumar Amber

विधा- अन्य

पहन के कोट पेंट तन पे लगा के सेंट,
बनकर बाबू सा में चला ससुराल को।
आकर के मेरे पास बोलने लगी ये सास,
नज़र न लग जाये कहीं मेरे लाल को।
बिलकुल हीरो से तुम लगते हो जीजा जी,
बोलने लगी सालियां खींच मेरे गाल को।
आखिर है क्या राज़ बदले इसके मिज़ाज़,
लग गए है बड़े भाग इस कंगाल को।

©अभिषेक कुमार अम्बर

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Abhishek Kumar Amber
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नाम- अभिषेक कुमार तख़ल्लुस- अम्बर जन्म- 07 मार्च 2000 जन्मस्थान- मवाना मेरठ उत्तर प्रदेश। विद्या- हास्य व्यंग्य, ग़ज़ल, गीत , छंद आदि। अभिषेक अम्बर का जन्म 07 मार्च 2000 को मेरठ के मवाना कसबे में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली से प्राप्त की। तेरह वर्ष की आयु से निरंतर हिंदी एवम् उर्दू साहित्य के लिए समर्पित हैं। गीत, ग़ज़ल , छंद , कविता आदि विद्या में लिखते हैं। हिंदुस्तान की मशहूर शायरा अंजुम रहबर जी के शिष्य हैं। तथा साहित्यिक मंचों पर सक्रिय भूमिका में हैं।
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