पल पल जी ले नये साल की तरह

बबीता अग्रवाल #कँवल

रचनाकार- बबीता अग्रवाल #कँवल

विधा- गज़ल/गीतिका

पल पल जी ले नये साल की तरह
के ग़म भुला दे गये साल की तरह

बिखेर दे खुशी जलते दिये की तरह
करे स्वागत आ रहे साल की तरह

समेट ले पीड़ा बूझते दिये की तरह
करे विदाई जाते हुये साल की तरह

खुशी में हो या ग़म में रहना है मस्त
वक़्त बदलते ही रहे साल की तरह

यादों में रहे हसीन पलों के सफर
भूल जाये दर्द बीते हुवे साल की तरह

खुशियाँ है सभी को बाँटना कँवल
नहीं है बदलना तुम्हें साल की तरह

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बबीता अग्रवाल #कँवल
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जन्मस्थान - सिक्किम फिलहाल - सिलीगुड़ी ( पश्चिम बंगाल ) दैनिक पत्रिका, और सांझा काव्य पत्रिका में रचनायें छपती रहती हैं। (तालीम तो हासिल नहीं है पर जो भी लिखती हूँ, दिल से लिखती हूँ)

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