परिंदों के लिए तो आशियाना चाहिए

Anish Shah

रचनाकार- Anish Shah

विधा- गीत

अब हमें अपना जनमदिन यूं मनाना चाहिए।
कल्पतरू अभियान में पौधे लगाना चाहिए।।

घुल गया कितना जहर आबो-हवा में दोस्तों।
अब जिंदा रहना है तो बस सांसों का होना चाहिए।।
हम तो परजीवी है जीने को सहारा चाहिए।
जो सहारा दे रहे न अब मिटाना चाहिए।

हमने ईंटों पत्थरों से चुन लिए अपने मकां ।
पर परिंदों के लिए तो आशियाना चाहिए।।

छीन ली हरियाली हमने हो गई बेआबरू ।
खो गई वसुधा की चूनर अब उढ़ाना चाहिए।

मेरा आंगन या तेरा घर फर्क इसमे क्या "अनीश"।
है जरूरी पेड़ बस पेड़ों को होना चाहिए ।।

कल्पतरू अभियान सांईखेड़ा को सादर समर्पित

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Anish Shah
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अनीश शाह " अनीश" (अध्यापक) एम. एस. सी (गणित) बी. एड. निवास-सांईखेड़ा ,नरसिंहपुर (म.प्र.) मो. 7898579102 8319681285

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