पत्नी पीढ़ा

विजय कुमार अग्रवाल

रचनाकार- विजय कुमार अग्रवाल

विधा- कविता

मोदी जी ने दिया देश को सबसे बड़ा उपहार ।
बंद कर दिया नोट अचानक पान्च्सौ और हजार ॥
अफरा तफरी का आलम है हर घर सोच विचार ।
कैसे अब मेरे नोटो की नाव लगेगी पार ॥
सालों से धन जोड़ रही थी आँख बचा के यार ।
किंतु अब पकड़ी जाऊँगी बचना है बेकार ॥
काले धन की खातिर चाल चली मोदी ने यार ।
पकड़ी गई पत्नी हर घर में है बिल्कुल लाचार ॥
ग्रहड़ी का यह दुःख मोदी जी कहना है बेकार ।
देश की खातिर सह जायेंगे पीढ़ा तो है अपरम्पार ॥

विजय बिज़नोरी

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विजय कुमार अग्रवाल
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मै पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर शहर का निवासी हूँ ।अौर आजकल भारतीय खेल प्राधिकरण के पश्चिमी केन्द्र गांधीनगर में कार्यरत हूँ ।पढ़ना मेरा शौक है और अब लिखना एक प्रयास है ।

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