पत्थर हूँ नींव का ..नींव में ही रहूँगा

Dinesh Dave

रचनाकार- Dinesh Dave

विधा- मुक्तक

दो मुक्तक ….
1..
पत्थर हूँ नींव का ,नींव में ही रहूँगा
मेरी गौरव गाथा मैं खुद ही कहूँगा
इमारतें मेरे दम पर ही खड़ी रहती
पुण्य किया है सदा नींव में लगूँगा

2..
मुश्किल से बूँद बूँद से घड़ा है भरा
डरता हूँ कहीं छलक न जाये जरा
भविष्य सुधारने के चक्कर में पड़
वर्तमान को तो हमेशा ताक में धरा

"दिनेश"

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Dinesh Dave
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मेरा परिचय नाम दिनेश दवे पिता का नाम श्री बालकृष्ण दवे शैक्षणिक योग्यता :बी ई मैकेनिकल इंजीनियरिंग, एम बी ए लेखन एवं प्रकाशन : विगत पांच वर्षो से लेखन, अभी तक साँझा प्रकाशन , पता 2/एल आई पी एल ब्लाक, केमिकल स्टाफ कॉलोनी, बिरलाग्राम, नागदा, जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश पिन 456331 मोबाइल 9826045953

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