पत्थर दिल हुआ है कोई…”एस के राठौर”

Suneel Rathore

रचनाकार- Suneel Rathore

विधा- अन्य

आज सालों बाद बेसबर हुआ है कोई,, नींदें हमारी चुराकर मुख्तसर हुआ है कोई,,, आँखों से अश्क़ रुकते नहीं अब,,, इस क़दर से पत्थर दिल हुआ है कोई ।। …….."सुनील राठौर" मीरगंज बरेली

Sponsored
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Suneel Rathore
Posts 6
Total Views 1

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia