पत्थरबाजों की शामत…..

तेजवीर सिंह

रचनाकार- तेजवीर सिंह "तेज"

विधा- घनाक्षरी

🌺🌻🌼 मनहरण घनाक्षरी 🌼🌻🌺

शिल्प – 8-8-8-7

🌻🌼🌹🌻🌼🌹🌻🌼🌹🌻

सेना कौ नयौ प्रयोग
ख़ुशी अति भये लोग
सब दोऊ हाथन ते
तालियां बजा रहे।

बांध जो चले हो आप
जीप पर जिहादी को
शोहदों के सुधार कुं
रीत अपना रहे।

देख-देख कहें लोग
*पीछे भी तौ बांधौ एक*
कोउ पत्थर मार दे
यही समझा रहे।

*तेज* करी सेवाचार
पिछवाड़े पै प्रहार
*जय हिंद* कह अब
खूबई चिल्ला रहे।।

🌺🌻🌼🌻🌹🌼🌻🌹🌼🌺
तेज😁✍16/4/17

Views 6
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
तेजवीर सिंह
Posts 57
Total Views 415
नाम - तेजवीर सिंह उपनाम - 'तेज' पिता - श्री सुखपाल सिंह माता - श्रीमती शारदा देवी शिक्षा - एम.ए.(द्वय) बी.एड. रूचि - पठन-पाठन एवम् लेखन निवास - 'जाट हाउस' कुसुम सरोवर पो. राधाकुण्ड जिला-मथुरा(उ.प्र.) सम्प्राप्ति - ब्रजभाषा साहित्य लेखन,पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन तथा जीविकोपार्जन हेतु अध्यापन कार्य।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia