न शरमाएँगे दुनिया से

सागर यादव 'जख्मी'

रचनाकार- सागर यादव 'जख्मी'

विधा- मुक्तक

न शरमाएँगे दुनिया से सुबह को शाम कह देँगे

जो नफरत के पुजारी हैँ वो दिन को रात कह देँगे

किसी की लाश पर तुम फूल भी रखना तो चुपके से

नहीँ तो प्यार के दुश्मन उसे भी प्यार कह देँगे

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सागर यादव 'जख्मी'
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नाम- सागर यादव 'जख्मी' जन्म- 15 अगस्त जन्म स्थान- नरायनपुर पिता का नाम-राम आसरे माता का नाम - ब्रह्मदेवी कार्यक्षेत्र- अध्यापन माँ सरस्वती इंग्लिश एकाडमी ,सरौली,जौनपुर ,उत्तर प्रदेश. प्रकाशन -अमर उजाला ,दैनिक जागरण ,रचनाकार,हिन्दी साहित्य ,स्वर्गविभा,प्रकृतिमेल ,पब्लिक इमोशन बिजनौर ,साहित्यपीडिया और देश -विदेश की बहुत सी पत्र -पत्रिकाओँ मेँ रचनाएँ प्रकाशित. स्थायी पता- नरायनपुर,नेवादा मुखलिसपुर ,बदलापुर ,जौनपुर उत्तर प्रदेश ,भारत . पिन -222125 ईमेल-sagar9565@gmail.com मो.9519473238,8528829538

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