नैना

सगीता शर्मा

रचनाकार- सगीता शर्मा

विधा- कविता

विषय नैना.

नैनो से नैना कहे ,सुन नैनो की बात.
नैना तो नटखट सखी,समझे दिल की बात.

नैनो से नैना मिले ,नैना लिये झुकाय.
नैनो के रस्ते पिया,दिल में लिया बसाय.

जादू तेरे नैन का ,खीचे तेरी ओर.
तेरी गलियाँ आ गई,मैं साजन बिन डोर

नैनो से बच के रहो ,नैना है चितचोर.
नैनो का जादू चला ,मन चाले उत ओर.

नैना तेरे झील से,कहे घनेरी बात.
सोचत सोचत दिन गया ,नही कटे है रात

सजना तेरे नैन में ,मेरा रूप समाय.
बिन तेरे ओ साजना ,कुछ भी नही सुहाय

संगीता शर्मा.
10/3/2017

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सगीता शर्मा
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परिचय . संगीता शर्मा. आगरा . रूचि. लेखन. लघु कथा ,कहानी,कविता,गीत,गजल,मुक्तक,छंद,.आदि. सम्मान . मुक्तर मणि,सतकवीर सम्मान , मानस मणि आदि. प्यार की तलाश कहानी पुरस्क्रति.धूप सी जिन्दगी कविता सम्मानित.. चाबी लधु कथा हिन्दी व पंजाबी में प्रकाशित . संगीता शर्मा.

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