नेता जी और यमराज

guru saxena

रचनाकार- guru saxena

विधा- घनाक्षरी

एक नेता जाके यमराज की अदालत में,
अड़ गया बोला मुझे स्वर्ग भिजवाइये।
स्वर्ग भिजवाया बोला क्या धरा सदस्यता में,
इंद्र के निकट किसी पद पै बैठाइये।
पद पै बैठाया बोला समर्थन दूंगा सदा,
जैसे बने अब चित्रगुप्त को पटाइये।
बहुमत पाना सरकार को चलाना है तो,
मेरे बाकी केसों को खारिज करवाइये।

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guru saxena
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