नीव जीत की हार

Rita Yadav

रचनाकार- Rita Yadav

विधा- दोहे

दोहे——-

घबराना मत हार से , नीव जीत की हार l
बिना दही मंथन किए ,बने न मक्खन यार ll

एक बार की हार से ,होना नहीं निराश l
निश्चित होगी जीत भी , करते रहो प्रयास ll

मिले जहां इज्जत नहीं, राह वहां की भूल l
अपने निज सम्मान को ,अपना बना उसूल ll

जीवन है इक तोहफा ,रखो इसे संभाल l
करो दूर अवसाद सब , रहो सदा खुशहाल ll

सच्चाई की राह पर ,चलता जो रख धीर l
बाधाएं सब पार कर ,बन जाता वह वीर ll

रीता यादव

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