****नीरू के दोहे**** रस की अनुभूति***

Neeru Mohan

रचनाकार- Neeru Mohan

विधा- दोहे

१.
****नीरू वाणी बाल की ,
****सुन मिठास भर जाए |
****ज्ञान की ज्योति चाहु ओर,
****बिन प्रयास बिखर जाए |

२.
नीरू सुनत अचंभित ,****
वाणी बाल की आज |****
कण-कण मिसरी घुल गई ,****
सुनी छंद मुख आज |****

३.
****नीरू दे आसीस है ,
****कोमल कपोल को आज |
****बड़े होवे नाम कमाए ,
****बढ़ाएँ गुरू का मान |

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Neeru Mohan
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व्यवस्थापक- अस्तित्व जन्मतिथि- १-०८-१९७३ शिक्षा - एम ए - हिंदी एम ए - राजनीति शास्त्र बी एड - हिंदी , सामाजिक विज्ञान एम फिल - हिंदी साहित्य कार्य - शिक्षिका , लेखिका
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