नीति रा राजस्थानी दूहा

हनुमान प्रसाद

रचनाकार- हनुमान प्रसाद "बिरकाळी"

विधा- दोहे

टैम-टैम री बात है,टैम करै मजबूर|
कुण नै भावै खूंसडा,चुगणा बोतल पूर|1|
तेरी मेरी राड मै, राम रट्यो ना बीर|
माटी री आ मूरती,माटी बण्यौ सरीर|2|

हनुमान प्रसाद "बिरकाळी"

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हनुमान प्रसाद
जै मायडभौम जै मायडभासा हिन्दुस्तान राजस्थानी
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