(((( नालंदा ))))

दिनेश एल०

रचनाकार- दिनेश एल० "जैहिंद"

विधा- कविता

((( नालंदा )))

विश्व प्रसिद्ध पुरातन विश्वविद्यालय,
चहुदिश प्रसिद्धि – प्राचीन ज्ञानालय ।
बजता डंका देश-विदेश को जिसका,
है नाम अतिविलक्षण नालंदा उसका ।

प्राचीन भारत का है द्दोतक नालन्दा,
विश्व गुरू प्रदाता है पालक नालन्दा ।
बुद्ध से है जना बुद्धि-विद्वान नालन्दा,
कोई जोड़ नहीं कहीं बेजोड़ नालन्दा ।

है इतिहास विचित्र इसके उद्भव का,
पंच पहाड़ों बीच ये घिरी ज्ञानपीठका ।
उदार दान पा भूमि, धनरूप में चंदा,
न-अल-दा से है मिलकर बना नालन्दा ।

उच्चतम ज्ञान का है ये विशाल पोषक,
पंच विषय रहे हमेशा यहाँ के रोचक ।
कला-शिल्प-धर्म-दर्शन, साहित्य ज्ञान,
हुए अति पूजनीय प्रख्यात सर्व विद्वान ।

है विशेष नालंदा की पुरातन इमारत,
विदेशियों को भी खींच लाती भारत ।
स्थान विशेष इसके दर्शन बड़े निराले,
छबि चित्ताकर्षक होते दर्शक मतवाले ।

===============
दिनेश एल० “जैहिंद”
18. 06. 2017

Sponsored
Views 3
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
दिनेश एल०
Posts 101
Total Views 1.4k
मैं (दिनेश एल० "जैहिंद") ग्राम- जैथर, डाक - मशरक, जिला- छपरा (बिहार) का निवासी हूँ | मेरी शिक्षा-दीक्षा पश्चिम बंगाल में हुई है | विद्यार्थी-जीवन से ही साहित्य में रूचि होने के कारण आगे चलकर साहित्य-लेखन काे अपने जीवन का अंग बना लिया और निरंतर कुछ न कुछ लिखते रहने की एक आदत-सी बन गई | फिर इस तरह से लेखन का एक लम्बा कारवाँ गुजर चुका है | लगभग १० वर्षों तक बतौर गीतकार फिल्मों मे भी संघर्ष कर चुका,,

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia