***नारी है ***कमजोर नहीं तू ***

Neeru Mohan

रचनाकार- Neeru Mohan

विधा- कविता

***अबला जीवन तेरी यही कहानी*** *******आँचल में है दूध******
***********और***********
*******आंखों में है पानी******
(((इस कथन को हमें झुठलाना है)))
*****नारी तू कमजोर नहीं है*****
#*#* सिर्फ शक्ति का खजाना है*#*#

तू नहीं है एक अबला नारी
तू तो हैं एक सबला
जीवन देने वाली भी तू
और संजोने वाली भी तू

तू कैसे हो सकती निर्बल
बल भी तू है शक्ति भी तू
प्यार ,दया ,करुणा ,वात्सल्य
कि तू है मूरत अनमोल

आँचल से हैं बाँधे रखती
अमृत गंगा की रस डोर
आँखों में जो आँसू तेरे
सागर के है वह मोती
जिनका मोल नहीं कर सकता
जीव लोक का कोई ढोंगी

भोग विलास नहीं चाहती
चाहती केवल मान सम्मान
जो देता है इस को आदर
करता नहीं इसका अपमान
जीवन में पाता है यश वह
और छू लेता है ऊँचा नभ वह

नारी तेरे कितने रूप
माँ भी तू ,बेटी भी तू है
बहन ,बहू और भाभी भी तू
है दादी तू ,नानी तू है
सब की राजदुलारी तू

जीवन देने वाली तू है
ममता भी तू मान भी तू है
तेरी छाया जो मिल जाए
जीवन सफल उसका हो जाए

समझ न तू अपने को निर्बल
गंगा भी तू ,जमुना भी तू
दुर्गा तू ,अंबा भी तू है
मंदिर और मदरसा भी तू

शक्ति का भंडार भी तू है
ज्ञान भी तू ,ज्ञानी भी तू है
ज्योति और प्रकाश भी तू है
जीवन देने वाली तू है
उसे महकाने वाली भी तू

तू कैसे हो सकती निर्बल
शक्ति का भंडार ही तू है
तू नही है एक अबला नारी
तू तो है एक सबला नारी********

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Neeru Mohan
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व्यवस्थापक- अस्तित्व जन्मतिथि- १-०८-१९७३ शिक्षा - एम ए - हिंदी एम ए - राजनीति शास्त्र बी एड - हिंदी , सामाजिक विज्ञान एम फिल - हिंदी साहित्य कार्य - शिक्षिका , लेखिका
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