नारी दिवस की बधाई

NIRA Rani

रचनाकार- NIRA Rani

विधा- कविता

ईश्वर की खूबसरत संरचना हूं
मै एक नारी हूं

गुरूर है खुद पर
खुद के वजूद पर

छू लेना चाहती हू आसमान को
उसमे उगे चॉद को
मुट्ठी मे भर लेना चाहती हू सितारे आसमान के

लहराना चाहती हूं ओज का परचम
जीत लेना चाहती हूं इस जहान को
दिव्य शक्ति बन इठलाना चाहती हूं
दुर्गा काली सरस्वती सभी रूपों को जी जाना चाहती हूं
नफरत भरी दुनिया मे बस प्यार फैलाना चाहती हूं
हर दिन हर नारी सम्मान से गर्वित हो
यही सम्मान चाहती हू .
बस यही सम्मान चाहती हूं
नारी दिवस की बधाई
नीरा रानी

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NIRA Rani
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साधारण सी ग्रहणी हूं ..इलाहाबाद युनिवर्सिटी से अंग्रेजी मे स्नातक हूं .बस भावनाओ मे भीगे लभ्जो को अल्फाज देने की कोशिश करती हूं ...साहित्यिक परिचय बस इतना की हिन्दी पसंद है..हिन्दी कविता एवं लेख लिखने का प्रयास करती हूं..

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