नारी का उत्थान

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- दोहे

अन्तर्राष्ट्रीय महिलादिवस की हार्दिक बधाई

नारी के उत्थान में, है नारी का हाथ
देना होगा खुद उसे, नारी का ही साथ

अपनी ताकत को यहाँ , नारी बस पहचान
खुद पर कर विश्वास तू, यदि करना उत्थान

नारी है कोमल ह्रदय,कैसे बने कठोर
मगर समझ लेना नहीं , उसको तुम कमजोर

घर से अपने ही करो, नारी का उत्थान
बेटे बेटी को सदा, पालो एक समान

जंजीरें तो पाँव की, नारी अपनी तोड़
राह बना अपनी नई, नर की कर मत होड़

पूरा अपने लक्ष्य को, करो लगा जी जान
अपनी रक्षा का मगर , नारी रखना ध्यान

डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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