नारी और पुरुष

RASHMI SHUKLA

रचनाकार- RASHMI SHUKLA

विधा- लेख

अगर नारी सम्मान की हक़दार है,
तो पुरुष को भी सम्मान का अधिकार है,
क्यों इतने लेख,कविताये,और दिन नारियों के लिए बनाये जाते हैं,
क्यों हर बार पुरुष ही गलत ठहराए जाते हैं,
सत्य है की नारी बिना सूना ये संसार है,
मगर पुरुष के बिना नारी भी तो बेकार है,
चलती नहीं है दोनों के बिना ही जीवन की नईया,
अगर नारी है जीवन की पतवार पुरुष है उसका खिवैया,
संसार की किताब में दोनों का ही बराबर योगदान है,
नारी अगर भक्त है तो पुरुष ही उसका भगवान है,
अपनी सोच को थोड़ा सा बुलंद करो,
और ये बेकार के त्यौहार मनाना बंद करो,RASHMI SHUKLA

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 4
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
RASHMI SHUKLA
Posts 43
Total Views 257
mera majhab ek hai insan hu mai

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia