नाम याद आता है।।

GOVIND SINGH LODHI

रचनाकार- GOVIND SINGH LODHI

विधा- गज़ल/गीतिका

हर बार वही नाम याद आता है।
तन्हाई में मुझे क्यों रुलाता है।।
बिछड़ जाता हूँ जब भी रास्तो से,
तू ही क्यों मुझे रास्ता दिखता है।।
लोधी सब लोग तुझे गुलाब कहते है,
बता तू क्यों मुझे भवरा बनाता है।।
तेरी सखिया तेरे नाम से बुलाती है मुझे,
हर किसी से दिल के राज क्यों बताता है।।

Views 5
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
GOVIND SINGH LODHI
Posts 2
Total Views 16

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia