नव वर्ष

लक्ष्मी सिंह

रचनाकार- लक्ष्मी सिंह

विधा- कविता

सभी दोस्तों को नव वर्ष की ढेर सारी शुभकामनाएं….
🌹🌹🌹🌹🌹
गाता, गुनगुनाता,
मन को हर्षाता,
नव वर्ष आता।
🎉🎊🎉🎊🎉
पत्तों पर सरसराता,
ठंड से ठिठुराता,
धरा पर ओस बिछाता,
कोहरों में मुँह छुपाता,
नव कलियों-सा मुस्कुराता,
नव वर्ष आता।
🎉🎊🎉🎊🎉
नवीन परिवर्तन लाता,
अंजुरी भर खुशियाँ लाता,
मौन निमंत्रण देता,
मन-ही-मन इतराता,
नव वसंत-सा लुभाता,
नव वर्ष आता।
🎉🎊🎉🎊🎉
प्यार को निखारता,
सबके मन को भाता,
बच्चों को हँसता,
बड़े-बूढ़ों को रिझाता,
नव वधु-सा लजाता,
नव वर्ष आता।
🎉🎊🎉🎊
ख्वाबों को सजाता,
अरमानों का भर प्याला,
आशा का दीप जलाता,
मन में विश्वास भरता,
नव किरणों-सा पाॅव फैलाता,
नव वर्ष आता।
🎉🎊🎉🎊🎉
साल भर सब सहता,
पर आह नहीं भरता,
यादों की गठरी बाँधता,
मंगलमय गीत गाता,
नव इन्द्रधनुष-सा लुभाता,
नव वर्ष आता।
🎉🎊🎉🎊🎉
गाता, गुनगुनाता,
मन को हर्षाता,
नव वर्ष आता।
🎉🎊—लक्ष्मी सिंह 💓☺

Views 113
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
लक्ष्मी सिंह
Posts 188
Total Views 90.5k
MA B Ed (sanskrit) please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank you for your support.

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia