नवरात्रि के नव कमल

AWADHESH NEMA

रचनाकार- AWADHESH NEMA

विधा- कुण्डलिया

नव रात्रि के नव कमल, दें जीवन संदेश ।
सुख शांति समृद्धि का, होवे कभी न लेश ।।
होवे कभी न लेश, दिनों-दिन उन्नति पाएं ।
पाएं मान विशेष, कीर्ती बढ़ती जाये ।।
हो 'असीम' आनंद, ख़ुशी का होवे कलरव ।
ऐसी मंगल कामना, बने ये जीवन नित नव ।।

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AWADHESH NEMA
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मध्यप्रदेश शासन कृषि विभाग में उप संचालक कृषि, आई आई टी खरगपुर से वर्ष 1984 में भूमि एवं जल संरक्षण अभियांत्रिकी से एम. टेक.। अध्ययन यात्रा हेतु आस्ट्रेलिया भ्रमण । आई टी प्रयोग तथा उत्कृष्ट लोकसेवा प्रबंधन हेतु मुख्यमंत्री पुरूस्कार तथा राष्ट्रीय गौरव अवार्ड । जन उपयोगी ज्ञान का दोहा चौपाइयों के रूप में प्रस्तुतीकरण www.awadheshnema.blogspot.in

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