नवरात्रि के आगमन पर

ईश्वर दयाल गोस्वामी

रचनाकार- ईश्वर दयाल गोस्वामी

विधा- कविता

आ रही हैं
कल से मैया ।
प्यारी मैया ,
सबकी मैया ।
कल से
होंगे रतजगे ।
भगतें होंगी ,
भजन भी होंगे ।
दारू बाले
दारू छोड़ेंगे
नवदिन तक ।
मांसाहारी
हो जाएंगे
शाकाहारी ,
बिल्कुल-
शुद्ध पवित्र ।
लहसुन, प्याज
छोड़ देंगे ये
लेकिन केवल
नवदिनों तक ।
लबरे भी
संकल्प ले रहे
झूठ नहीं
बोलेंगे नवदिन ।
संकल्पित हो
गये मनचले
बुरी नज़र
न डालेंगे हम ।
नवदिन बस
कट जाएं सुख से
फिर दुश्मन
को हम देखेंगे ।
मैया करना
दया तू ऐंसी
शत्रु हो बर्बाद हमारा ।
प्यारी मैया,
सच्ची मैया ,
तो कर दूंगा मैं भंडारा ।
ईश्वर दयाल गोस्वामी ।
कवि एवं शिक्षक ।

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ईश्वर दयाल गोस्वामी
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-ईश्वर दयाल गोस्वामी कवि एवं शिक्षक , भागवत कथा वाचक जन्म-तिथि - 05 - 02 - 1971 जन्म-स्थान - रहली स्थायी पता- ग्राम पोस्ट-छिरारी,तहसील-. रहली जिला-सागर (मध्य-प्रदेश) पिन-कोड- 470-227 मोवा.नंबर-08463884927 हिन्दीबुंदेली मे गत 25वर्ष से काव्य रचना । कविताएँ समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में प्रकाशित । रुचियाँ-काव्य रचना,अभिनय,चित्रकला । पुरस्कार - समकालीन कविता के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा 2013 में राज्य स्तरीय पुरस्कार । नेशनल बुक ट्रस्ट नई दिल्ली द्वारा रमेशदत्त दुबे युवा कवि सम्मान 2015 ।

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