नवनीत है बेटी

सतीश तिवारी 'सरस'

रचनाकार- सतीश तिवारी 'सरस'

विधा- गज़ल/गीतिका

छंद-ग़ज़ल अरु गीत है बेटी,
प्यार भरा संगीत है बेटी.
दुःख-दर्दों में साथ निभाये,
माँ की सच्ची मीत है बेटी.
पूत कपूत भले हो लेकिन,
बाँटे हरदम प्रीत है बेटी.
दोनों तरफ़ सम्बन्ध निभाये,
ऐसी अनुपम रीत है बेटी.
'सरस' ह्रदय अक्सर यह बोले,
रिश्तों में नवनीत है बेटी.
*सतीश तिवारी 'सरस',नरसिंहपुर (म.प्र.)
Mb-09993879566

Views 104
Sponsored
Author
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia