नरक का दंड

Raj Vig

रचनाकार- Raj Vig

विधा- कविता

कर्मो का समय जब
मेरा पूरा हुआ
प्रभु के आदेश से
यमराज दूतों के साथ प्रकट हुए
मुझे मेरे शरीर से अलग किया गया
और प्रभु के समक्ष पेश किया गया
कर्मो के अनुसार मुझे
नरक जाने का दंड दिया गया
दूत जब मुझे ले नरक द्वार पहुंचे
वहां पहले से ही
हाऊस फुल का बोर्ड लगा था
मुझे वापस प्रभु के पास लाया गया
प्रभु ने सोचा फिर बोले
इसे मनुष्य बना वापिस
म्रत्युलोक भेज दो
लेकिन इन्सान बनने के गुण निकाल दो
ये खुद ही अपना जीवन नरक बना लेगा
अब मुझे समझ आने लगा था
इतने सारे लोगों के बीच मे
इन्सान कंयू कम नजर आने लगे हैं ।।

राज विग

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