“नया साल”

Shri Bhagwan Bawwa

रचनाकार- Shri Bhagwan Bawwa

विधा- कविता

नया साल दहलीज पे,खङा रहा है बोल।
सूरज बांटे रोशनी,चित के पट को खोल।।
चित के पट को खोल,अन्धेरे डर कर भागेंगे।
सोये हुये हैं भाग्य तेरे तो वो भी जागेंगे।।
कह श्री कविराय,यहां सब होगें अब खुशहाल,
सबकी खातिर खुशियां लेकर आया है नया साल।।

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