नया नया है साथ हमारा , नयी नयी ये होली है…..

Awneesh kumar

रचनाकार- Awneesh kumar

विधा- कविता

नया नया है साथ हमारा ,
नयी नयी ये होली है।
कितना प्यारा रिस्ता अपना ,
कितनी मीठी बोली है।
खुद से अलग हुये है खुद ही ,
कितनी अजब प्रेम कहानी है।
समझने बैठे थे तुमको ,
याद लगी बनके दिल में मीठी सी गोली है
भूल नहीं पाएंगे इस बरष की होली ,
क्यू की हम दोनों की पहली होली है।
नया नया है साथ हमारा,
नयी नयी ये होली है।(अवनीश कुमार)

Views 9
Sponsored
Author
Awneesh kumar
Posts 26
Total Views 103
नमस्कार अवनीश कुमार www.awneeshkumar.ga www.facebook.com/awneesh kumar
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia