नमामि गंगे

Rita Singh

रचनाकार- Rita Singh

विधा- कविता

जय जय गंगे , जय जय गंगे ।
नमामि गंगे , नमामि गंगे ।।
पाप नाशिनी , जग तारिणी
सुख कारिणी , दुख हारिणी
हर हर गंगे हर्ष वाहिनी ।
निर्मल मन धारिणी
सुकर्मिणी निष्कामिनी ।
नमामि गंगे , नमामि गंगे ।।

पवित्र नीर संचारिणी
पल पल सुख संवाहिनी
युग युगांतर प्रवाहिनी
धरा समृद्धि प्रदायिनी
गौरी भगिनी शिव संगिनी ।
नमामि गंगे , नमामि गंगे ।।

डॉ रीता

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Rita Singh
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नाम - डॉ रीता जन्मतिथि - 20 जुलाई शिक्षा- पी एच डी (राजनीति विज्ञान) आवासीय पता - एफ -11 , फेज़ - 6 , आया नगर , नई दिल्ली- 110047 आत्मकथ्य - इस भौतिकवादी युग में मानवीय मूल्यों को सनातन बनाए रखने की कल्पना ही कलम द्वारा कुछ शब्दों की रचना को प्रेरित करती है , वही शब्द रचना मेरी कविता है । .

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