नग्नता को रोकना होगा

dr. pratibha prakash

रचनाकार- dr. pratibha prakash

विधा- कविता

यदि संस्कृति बचाना चाहते हो
यदि भारीतयता बचाना चाहते हो
आध्यात्म को समझना होगा
इस नग्नता को रोकना होगा
समाज में सौहार्द चाहते हो
परिवार में प्यार चाहते हो
सत्य ज्ञान समझना होगा
इस फूहड़ नग्नता को रोकना होगा
नारी मनोरंजन मात्र रह गई
इसे फिर सम्मान को पाना होगा
आम्रपाली या वैशाली को
आध्यात्म शरण में आना होगा
इस नग्नता को रोकना होगा
छोटे हुए परिधानों में
न्यून हो चुके परिधानों में
लज़्ज़ा का संस्करण देना होगा
इस नग्नता को रोकना ही होगा
पुरुष नहीं अधिकारी भोग का
स्त्री नहीं भोग कोई वस्तु है
ये व्यापर अब रोकना होगा
हज़ारो पद्मियों की कह रही चिताएं
हमने जौहर दिखलाया था
अपनी अस्मिता को प्राणों का
भय भी न डीग पाया था
शपथ उन्ही वीर बालाओं की
ये साहस दिखलाना होगा
संसद में बैठ देखते मूवी पोर्न जो
निष्काषित समाज से करना होगा
इस नग्नता को रोकना होगा

6अगस्त2016

Views 117
Sponsored
Author
dr. pratibha prakash
Posts 44
Total Views 1.8k
Dr.pratibha d/ sri vedprakash D.o.b.8june 1977,aliganj,etah,u.p. M.A.geo.Socio. Ph.d. geography.पिता से काव्य रूचि विरासत में प्राप्त हुई ,बाद में हिन्दी प्रेम संस्कृति से लगाव समाजिक विकृतियों आधुनिक अंधानुकरण ने साहित्य की और प्रेरित किया ।उस सर्वोच्च शक्ति जसे ईश्वर अल्लाह वाहेगुरु गॉड कहा गया है की कृपा से आध्यात्मिक शिक्षा के प्रशिक्षण केंद्र में प्राप्त ज्ञान सत्य और स्वयं को आपके समक्ष प्रस्तुत कर रही हूँ।
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
9 comments
  1. समाज की इस कुत्सित विचारधारा पर करारा प्रहार करती उत्कृष्ट रचना..

    • विकृत मानसिकता को करारा जबाब देती हुई रचना। मगर, ऐसी विकृति के मूल में जाकर गहराई से खोज और समझने-समझाने की जरूरत है समाज को। जो वर्तमान में किसी भी धर्माधिकारी या चिंतक द्वारा नहीं किया जा रहा है।

  2. आदरणीय श्याम स्नेही साभार नमन
    आपने पड़ी और आशीर्वाद भी प्रदान करें

  3. आप सभी की प्रतिक्रियाएं मुझे प्रेरित
    करेंगी धन्यवाद